बुधवार, 7 अप्रैल 2010

मुलाकात

दिल को छू लेगी ‘द जैपनीज वाइफ’ - अपर्णा सेन
डायरेक्टर अपर्णा सेन चर्चित हैं अपनी नई फिल्म ''द जैपनीज वाइफ'' के लिए। पेश है अपर्णा से बातचीत : ‘द जैपनीज वाइफ’ बनाने के बारे में कब सोचा? मैं एक बार लेखक कुणाल बसु के साथ बैठी थी, तब उन्होंने मुझे अपनी इस शॉर्ट स्टोरी के बारे में बताया। मैंने इसे पढ़ा और यह मुझे बहुत पसंद आई क्योंकि इसमें दिल को छू लेने वाली एक अलग-सी प्रेम कहानी है। इस कहानी के बारे में बताइए। ''जैपनीज वाइफ'' की कहानी है सुंदरवन के एक स्कूल शिक्षक स्नेहमोय और जापान की एक युवा लड़की मियागे की। ये दोनों ही पत्रों के माध्यम से एक दूसरे से मिलते हैं। उनमें प्यार हो जाता है। पत्र के माध्यम से ही वो शादी भी कर लेते हैं। उनकी शादी को 17 वर्ष हो चुके हैं और अब तक वे एक-दूसरे से कभी मिले। क्या आज के समय में ये संभव है? क्यों नहीं। नेट पर भी तो लोग आज कल चैटिंग करते हैं और फिर प्यार करने लगते हैं। राहुल बोस को चुनने की कोई खास वजह? मुझे राहुल के साथ काम करना पसंद है।

वीनस की परी बनी हूँ : जैकलीन फर्नांडिस
जाने कहाँ से आई है तू में आपका किरदार क्या है? मैंने फिल्म में एक परी की भूमिका निभाई हैं जो बॉयफ्रेंड की तलाश में वीनस से धरती पर आती है। आपकी खूबसूरती का क्या राज है ? सकारात्मक सोच। आपकी नजर में खूबसूरती क्या है ? मेरी नजर में हर वो इंसान खूबसूरत है जिसकी सोच सकारात्मक है। रितेश के साथ आपकी यह दूसरी फिल्म है। उनके साथ आपकी केमेस्ट्री कैसी है? रितेश के साथ मेरा तालमेल बहुत बढ़िया है। वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। पहली ही फिल्म अलादीन के समय से हमारी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई है। ऐसे में एक दूसरे के साथ काम करना भी आसान होता है। वो हमेशा मेरी मदद करते हैं। हिंदी भाषा के बारे में आपकी क्या राय है ? हिंदी मेरे लिए एक भाषा है जो मेरे काम के लिए जरूरी है। मैंने हिंदी सीखी है। मेरी हिंदी बहुत बढ़िया तो नहीं है पर मैं सुधार रही हूँ।
‘द जैपनीज़ वाइफ’ अनोखी प्रेम कहानी है : राहुल बोस
''द जैपनीज वाइफ'' के बारे में कुछ बताइए। यह कहानी है एक स्कूल शिक्षक की, जिसका नाम स्नेहमोय है। मियागे नामक जापान की एक लड़की है। स्नेहमोय और मियागे पत्रों के माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क में हैं और आपस में उनमें प्यार हो जाता है। पत्र के माध्यम से ही वो शादी भी कर लेते हैं। उनकी शादी को 17 साल हो चुके हैं और वे आज तक एक-दूसरे से कभी नहीं मिले। यह फिल्म उनके प्यार, उनकी खुशी, उनके दुख की है। अपर्णा सेन ने उनके प्यार को एक कविता की तरह पेश किया है। ‍‍फिल्म साइन करने की वजह? मुझे इसकी कहानी। आज ऐसी प्रेम कहानी कहाँ देखने को मिलती है। यह फिल्म भी अपर्णा सेन की पिछली फिल्मों की तरह दर्शकों को प्रभावित कर सकेगी? इस बात का मुझे पूरा विश्वास है। क्या इस फिल्म के लिए आपको फिर से अवॉर्ड मिलेगा? मैं कोई भी फिल्म केवल इसलिए नहीं करता कि मुझे अवॉर्ड मिले। मैं उन्हीं फिल्मों में काम करना पसंद करता हूँ जिनसे मुझे संतुष्टि मिलती है। आने वाली कौन-सी फिल्में हैं? फायर्ड, मुंबई चकाचक और आई एम एंड कुछ लव जैसा, मेरी आने वाली फिल्में हैं।

दर्शक मुझे पसंद करेंगे - माधुरी भट्टाचार्य
फिल्म प्रेम का गेम के बारे में आप क्या कहना चाहेंगी? यह एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है जिसमें मैं विदेश से लौटी एक मॉडल की भूमिका में हूँ, जिसके पड़ोस में अरबाज अपने परिवार के साथ रहते हैं। अरबाज से मेरी दोस्ती होती है जिसे वो प्यार समझ लेते हैं। इसी घटनाक्रम के साथ कहानी आगे बढ़ती है। दक्षिण से बॉलीवुड की तरफ रुख करने का क्या कारण था? फिल्म से जुड़ा हर आदमी बॉलीवुड में काम करने की ख्वाहिश रखता है। मेरी हिंदी हमेशा से बहुत अच्छी थी इसलिए मैं हमेशा से बॉलीवुड में काम करना चाहती थी। अरबाज के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ? अरबाज जितने अच्छे अभिनेता हैं उतने ही अच्छे इंसान हैं। वो अपने सहयोगी कलाकारों की हमेशा मदद करते हैं। अरबाज के साथ काम करने का अनुभव बहुत ही शानदार रहा। इसके बाद का क्या प्लान है ? मेरे सारे प्लान इस फिल्म से जुड़े हुए हैं। दर्शकों की कसौटी पर खुद को कसने के बाद ही आगे का पता चलेगा। उम्मीद है कि दर्शक मुझे और मेरे काम को पसंद करेंगे।

महिला अधिकारों पर आधारित है मेरी फिल्म : करण राजदान
हाल ही में निर्देशक करण राजदान की मैरिटल रेप पर आधारित फिल्म "मित्तल वर्सेज मित्तल" रिलीज हुई है। पेश है करण से बातचीत : अपनी फिल्म मित्तल वर्सेज मित्तल के बारे में कुछ बताइए? यह फिल्म घरेलू हिंसा पर आधारित है जिसमें मैरिटल रेप मुख्य मुद्दा है। महिलाएँ इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा पाती हैं। क्या फिल्म की शूटिंग से पहले आपने कोई रिसर्च वर्क भी किया था ? मैं कई ऐसी महिलाओं से मिला हूँ जो इस तरह की समस्या से पीड़ित हैं। मैं अपनी रिसर्च टीम के साथ फैमिली कोर्ट भी गया था। इस फिल्म को किस तरह का दर्शक वर्ग देखना पसंद करेगा ? मेरे खयाल से यह फिल्म सभी लोगों को देखनी चाहिए। विशेषकर महिलाओं को यह फिल्म देखने के बाद बहुत हद तक अपने अधिकारों की भी जानकारी मिलेगी। फिल्म में किस हद तक अंग प्रदर्शन हुआ है ? फिल्म का विषय बहुत ही बोल्ड है जिसके कारण ऐसा लग रहा है कि फिल्म में अंग प्रदर्शन का इस्तेमाल हुआ है, लेकिन ऐसा नहीं है।

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