शुक्रवार, 28 मई 2010

ये आँखें देखकर...

कुछ शीतल टिप्स आँखों के लिए
'तेरी आँखों के सिवा इस दुनिया में रखा क्या है.... ' खूबसूरत आँखों के लिए जब कोई इस तरह का वर्णन करता है तो दिल बाग-बाग हो उठता है लेकिन यदि इसी तरह के और खूबसूरत कॉम्प्लीमेंट्स आप हमेशा पाना चाहती हैं तो आँखों की इस खूबसूरती को बरकरार रखना आपके लिए बहुत जरूरी हो जाता है।

गर्मियों का मौसम त्वचा के साथ-साथ आँखों पर भी बहुत गहरा प्रभाव डालता है। यही वो मौसम है जब आग उगलता सूरज अपनी तपन से तन को झुलसाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ता। ऐसे में आँखों की सुरक्षा बेहद जरूरी है, आइए जरा कुछ टिप्स पर गौर करें ताकि आपकी आँखें रहें हर वक्त तरोताजा...।
* कभी भी तेज धूप में बाहर न निकलें और यदि निकलना ही पड़ जाए तो धूप का चश्मा लगाना कभी न भूलें।
* धूप के चश्मे खरीदते समय सावधानी अत्यंत आवश्यक है। कभी भी चलताऊ किस्म का चश्मा न खरीदें, क्योंकि इनमें लगने वाला ग्लास घटिया किस्म का होता है और आँखों को नुकसान पहुँचा सकता है।

* इसलिए हमेशा अच्छी कंपनी का बढ़िया चश्मा ही खरीदें। आजकल छोटी फ्रेम वाले चश्मों का अत्यधिक चलन है लेकिन चश्मे खरीदते समय ध्यान रखें कि धूल के कण आपकी आँखों में न जा पाएँ अन्यथा चश्मा पहनने का कोई तुक ही नहीं रह जाएगा।
* यदि आप नजर का चश्मा लगाते हैं तो फोटोक्रोमिक लैंस वाले चश्मे उपयोग में लाएँ, इससे धूप में चलने पर आपकी आँखों को गर्मी से राहत मिलेगी।
* आँखों में खुजली होने पर कभी भी हाथों से आँखें न मलें। हमेशा किसी साफ कपड़े का उपयोग आँखों को सहलाने के लिए करें।
* दिन में तीन-चार बार साफ पानी से आँखों पर छींटें दें।
* यदि गर्मी के कारण आँखें लाल हो रही हैं तो ठंडे पानी से आँखें साफ करके कुछ देर ठंडक में आँखें मूंदकर बैठें।
ये कुछ टिप्स हैं, जिन्हें अपनाकर आप गर्मियों में भी अपनी आँखों को रख सकती हैं तरोताजा और चमकदार। ताकि मिल जाएँ झील सी ठंडक इनमें डूबने वालों को...!

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