रविवार, 20 जून 2010

केनवास

पेंटिंग सहेजने की कला
ऑइल पेंटिंग को सहेज कर रखना बड़ी चुनौती है। जरा-सी लापरवाही से यह ख़राब हो जाती है। मौसम का भी इस पर प्रभाव पड़ता है, लाने-ले जाने में भी अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। ऐसे में क्या करें कि यह नाजुक कला सुरक्षित रहे, बता रही हैं दिल्ली की आर्टिस्ट शुभि कृष्ण-
कलाकृति के पेंट किए हुए हिस्से को टच न करें, उसे फ्रेम से ही पकड़ें।

हमेशा ध्यान रखें कि केनवास के सामने या पीछे के हिस्से में किसी भी तरह का दबाव न पड़े। इससे पेंटिंग पिचक सकती है, उसमें गड्ढा हो सकता है या वह भद्दी हो सकती है। यदि ऐसा हो जाए तो एक्सपर्ट से ही इसे रिपेयर कराएं। ख़ुद ठीक करने से और नुक़सान हो सकता है।
पेंटिंग को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते समय दोनों तरफ कार्डबोर्ड या प्लॉइवुड रखें। इसके बाद कपड़े से ढंककर इसे सावधानीपूर्वक फीते से बांधें।
पेंटिंग दीवार में टंगी हो या स्टोर में रखी हो, उसे मौसम से ख़तरा रहता ही है। उसे ज्यादा गर्मी, ठंड या नमी से होने वाले नुक़सान से बचाएं। पेंटिंग रखने के लिए बेसमेंट या अटारी अच्छी जगह नहीं है।
ऑइल पेंटिंग रखने की सबसे बढ़िया जगह घर की दीवार है। वहां यह सुरक्षित भी रहती है और इसे देखकर लोग एंजॉय भी करते हैं।
पेंटिंग पर लगातार धूल जमती रहती है, इसलिए उसे नियमित रूप से नरम ब्रश से साफ़ करें। यदि ज्यादा धूल जम गई हो, तो ख़ुद कोशिश करने की बजाय उसे एक्सपर्ट के पास ले जाकर साफ़ कराएं।

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