सोमवार, 11 मई 2015

लव शायरी

दिल की बात कभी गलत नही होता यह मान लीजिये,
दिल लेफ्ट में होते हुए भी हमेशा राईट में होता है यह जान लीजिये ..!!


दिल का दिल से दीदार होता है धीरे धीरे
प्यार को प्यार से प्यार होता है धीरे धीरे .!

मोहबत के सफर में गुम हो गया है कोई
तुम मुझे ढूंढ ,मै तुझे ढूढ़ती हूँ ...!


क्यूँ माँगा तुमने दिल में थोड़ी सी जगह
 
 तुम तो सदा मेरे दिल में रहते हो ...!


मांग कर दिल में जगह पल में पराया कर दिया
अरे ! तुम तो सदा मेरे दिल में बसते हो ...!

 एक जमाना वो था मुहबब्त, बिन कारण हुआ करता
एक जमाना ये है, बिन कारण किसी से मुहब्बत नही होता ..!
( कारण - सूरत ,धन ,अमीरी-गरीबी ,पद , इत्यादि )


 नही होता दीदार उसका तो दिन रात क्यू तड़पती हूँ
नही है मेरे लिए क्या और कोई , उसी का रास्ता क्यू देखती हूँ ...!


 एक नज़र की आस में खुद रह जाओगे
इस तरह न देखो वरना देखते रह जाओगे
बेझिझक कह देना अपने दिल की बात वर्ना
सोचोगे तो जिन्दगी भर सोचते रह जाओगे...!

होंठो से तेरा होंठो को गीला कर दूँ
तेरे होंठो को में और भी अब रसीला कर दूँ
तू इस क़दर प्यार करे के प्यार की इन्तहा हो जाये
तेरे होंठो को चूस कर तुझे और भी जोशीला कर दूँ ..!

एक बार तो मुझे सीने से लगा ले
अपने दिल के सारे अरमान सजा ले
कब से है तड़प तुझे अपना बनाने की
आज तो मौका है मुझे अपने पास बुला ले..!

आपकी आदत है रूठ जाने की
मेरी फितरत नही किसी को मानाने की
पर मानाने को मजबूर कर देता है ये दिल
क्युकी ख़ुदा ने इजाजत नही दी आपका दिल दुखाने की..!

जब नगमे नही लिखे जाते
जब पैगाम नही भेजे जाते
ये मत समझना हम भूल गये आपको
ख्याल तो आता है बस अल्फाज नही मिल पाते ..!

उन्हें ये शिकायत है हमसे की
हम हर किसी को देखकर मुस्कुराते हूँ
जो ना समझ है वो क्या जाने
हमे तो हर चेहरे में वो नज़र आते है

तेरा प्यार ने ज़िन्दगी से पहचान करायी है
मुझे वो तूफानों से फिर लौटा के लायी है
बस इतनी ही दुआ करते है ख़ुदा से हम
बुझे ना ये शमा कभी जो हमने जलाये है ..!

प्यार की अनोखी मूरत हो तुम
ज़िन्दगी की एक ज़रूरत हो तुम
फूल तो खूबसूरत होते ही है
पर फूलो से भी खूबसूरत हो तुम

वो कहते है मजबूर है हम
न चाहते हुए भी दूर है हम
चुरा ली उन्होंने धडकने भी हमारी
फिर भी वो कहते है बे-कसूर है हम...!

बस मुझे आपका एक सलाम मिल जाये
सलाम के साथ एक पैगाम मिल जाये
खुस है आप मेरे बिना ये जानकर
दिल-ए-बेचैन को कुछ आराम मिल जाये..!

रूठ जाओ कितना भी पर माना लेंगे
दूर जाओ कितना भी भुला लेंगे
दिल आखिर दिल है कोई समुन्दर की रेट नही
जो लिख के नाम आपका हम युही मिटा देंगे ..!



बांहों में मेरी झूमकर तुम, अगर अपनी नज़र से पिलाओगे तुम
"रिया" तो होश गवां देगी अपनी, जन्नत में पहुच जाओगे तुम ..!

 रात बीतने को है फिर भी "रिया" को इन्तेजार है तेरा
अरे जालिम तू खुद क्यों नही कह देता तू प्यार है मेरा... !


 दिल की बात होंठो से गुजरी बस इजहार-ए अंदाज़ बदल रहे
दुनियाँ के नज़रो से छुप छुप के अब प्रेम शायरी में कर रहे है..!

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