सोमवार, 11 मई 2015

गुड मोर्निंग शायरी

नई सुबह,
नई किरणें,
नई आशा,
नई उम्मीदें,
नये रास्ते,
इन सब के साथ आपको दिल से – सुप्रभात...!


सुबह काफी हो चुकी है, अब चिराघ बुझा दीजिये
एक हसीं दिन राह देखता है आपकी, बस पलकों के परदे उठा लीजिये..!
शुभ दिवस..!


 प्यारी सी ठंडी सी अच्छी सी खूबसूरत सी बड़ी सी भोली सी मीठी सी . .. गुड मोर्निंग...!


 नैनो के काजल से,
 महकों की बहार से,
 इस गुल-ए-गुलज़ार से,
दिल के हर तार से
बड़े ही प्यार से,
कहते हैं आपको... गुड मोर्निंग..!


 सजती रहे खुशियों की महफ़िल
लेकिन हर ख़ुशी सुहानी रहे
आप जिंदगी में इतने खुश रहें
कि हर ख़ुशी आपकी दीवानी रहे.....!
शुभ दिन

ख़्वाबों के जहाँ से अब लौट भी आओ
हुई है सुबह अब जाग भी जाओ
चाँद-तारों को अब कह भी दो ‘बाय’ और प्यारी सी सुबह को कहो, ‘हाय’.... गुड मोर्निंग...!

बुड्ढा हो चाहे बच्चा ...
झूठा हो चाहे सच्चा
ईश्वर तेरे हम सब बच्चा ..
दिन कर सबके अच्छा ..!
सु-प्रभात,आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो ..!


सूरत जो तेरी देखि अपने मन के झरोखे से
दिल में एक ज्वार उठी तुझे पाने की जो रुके ना रोके से..!
सु-प्रभात,आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो ..!

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