सोमवार, 25 जनवरी 2010

मुलाकात

नीतू चन्द्रा : अपनी राह खुद बनाने पर यकीन

‘गरम मसाला’ (2005) से हिंदी फिल्मों की दुनिया में आने वाली नीतू चन्द्रा ने अपने छोटे से करियर में प्रियदर्शन (गरम मसाला), मधुर भंडारकर (ट्रैफिक सिग्नल), दिबाकर बैनर्जी (ओए लकी! लकी ओए) जैसे निर्देशकों के साथ काम किया है। ‘रण’ और ‘अपार्टमेंट’ में भी उन्हें रामगोपाल वर्मा और जगमोहन मूँदड़ा जैसे निर्देशकों के साथ काम करने का अवसर मिला है। नीतू का मानना है कि भले ही उनकी शुरुआत धीमी है, लेकिन वे सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पेश है नीतू से बातचीत :

पिछले दिनों आपने कहा था कि ऐश्वर्या राय ने जिन निर्देशकों (रामू, जगमोहन मूँदड़ा) के साथ फिल्में की थीं उनके साथ आप भी काम कर रही हैं। ऐश जहाँ पहले रहा करती थीं आप भी उसी इलाके में रह रही हैं और आप भी ऐश की राह चल रही हैं। क्या आप ऐश्वर्या की तरह बनना चाहती हैं?
मेरा ये मतलब नहीं था। न ही मैं किसी की राह पर चलना चाहती हूँ। ऐश्वर्या एक खूबसूरत महिला हैं। उम्दा कलाकार हैं। जिस जगह आज वे हैं, वहाँ पहुँचने के लिए उन्होंने मेहनत की है। मैं उनकी बेहद इज्जत करती हूँ, लेकिन मैं अपनी राह खुद बनाना चाहती हूँ। किसी के रास्ते पर नहीं चलना चाहती।

महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करने की ख्वाहिश हर कलाकार के मन में रहती है। ‘रण’ में आपको यह मौका मिला। क्या अनुभव रहे?
अपने आपको मैं भाग्यशाली मानती हूँ कि इतने बड़े कलाकार के साथ मैंने फिल्म की। मुझे जो खुशी महसूस हुई उसे शब्दों में बताना मुश्किल है। कहना चाहूँगी कि वे महान इंसान है। अद्‍भुत कलाकार हैं। उनसे मुझे बहुत प्रेरणा मिली। सीखने को मिला।

‘रण’ में ढेर सारे किरदार हैं। इस भीड़ में आपका किरदार गुम तो नहीं हो जाएगा?
फिल्म में हर किरदार महत्वपूर्ण है और उसमें मेरा किरदार भी शामिल है। वैसे भी रोल की लंबाई की बजाय उसकी गुणवत्ता देखी जानी चाहिए। अभिनय को परखना चाहिए। मैंने अपने किरदार पर बहुत मेहनत की है। ‘रण’ एक गंभीर और मनोरंजक फिल्म है। ये उन हास्य फिल्मों की तरह नहीं है, जिन्हें देखते समय दिमाग नहीं लगाना पड़ता।

पिछले दिनों एक पत्रिका के लिए आपने हॉट फोटो ‍खिंचवाए थे। उसके पीछे आपका क्या उद्देश्य था?
मैंने कोई विवाद खड़ा करने या पब्लिसिटी के लिए ये काम नहीं किया था। फोटोग्राफ्स इसलिए चर्चित हो गए क्योंकि उनमें लड़का-लड़की की बजाय दो लड़कियों को साथ दिखाया गया था। ये आइडिया मेरा ही था। उन फोटो की आलोचना करने वाले पाखंडी हैं। एक तरफ हम हॉलीवुड फिल्मों की बात करते हैं और दूसरी ओर इस तरह के फोटो को लेकर विवाद पैदा किए जाते हैं। मैं ऐसी अकेली या पहली अभिनेत्री नहीं हूँ जिसने इस तरह का हॉट फोटो सेशन किया हो।

नीतू चन्द्रा किस तरह की इंसान हैं?
अपनी निजी जिंदगी में मैं बहुत ही साधारण लड़की हूँ, जो मेहनत करने में विश्वास रखती है। मेरा कभी किसी निर्माता-निर्देशक से विवाद नहीं हुआ है। सेट पर समय से आती हूँ और ईमानदारी से काम करती हूँ। मैं स्पष्टवादी हूँ, जो दिल में आता है कह देती हूँ। शायद इससे लोगों को थोड़ा बुरा लगता हो।

क्या आपको नहीं लगता कि फिल्म इंडस्ट्री में आपका कोई गॉडफादर होता तो बॉलीवुड में आपका सफर आसान हो जाता?
गॉडफादर वाली बात मेरी समझ में नहीं आती। मैं तो ऊपर वाले और अपने माता-पिता को ही अपना गॉडफादर मानती हूँ। वे हमेशा मेरे साथ हैं।

कोई विशेष रोल निभाने की ख्वाहिश?
मैं एक्शन रोल स्क्रीन पर अदा करना चाहती हूँ।

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